मुंगेली, 07 मार्च 2026/sns/- जिले की ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार जिला पंचायत सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय के मार्गदर्शन में ग्राम पंचायतों में विभिन्न योजनाओं और व्यवस्थाओं को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है, जिससे पंचायतों को अधिक सशक्त और पारदर्शी बनाया जा सके। जिला पंचायत अंतर्गत समर्थ पोर्टल में छत्तीसगढ़ पंचायत राज्य एक्ट की धारा 77 उपधारा (1) के तहत ग्राम पंचायतों में संपत्तिकर अधिरोपित किया जा रहा है। इसके तहत ग्राम पंचायतों के राशनकार्डधारियों से स्वघोषणा पत्र भरवाया जा रहा है, जिसमें मकान की पूंजीगत लागत के आधार पर संपत्तिकर निर्धारित किया जा रहा है। संपत्तिकर से प्राप्त राशि का उपयोग गांव में मूलभूत सुविधाओं उपलब्ध कराने के लिए किया जा रहा है।
प्रशासन का उद्देश्य है कि इस कर से प्राप्त राशि का उपयोग ग्राम पंचायतों में मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए किया जाए, जिससे पंचायतें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें और गांवों में विकास कार्यों को गति मिल सके। इसके साथ ही पंचायतों में विकास कार्यों की पारदर्शिता और निगरानी बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा ग्राम सम्पदा मोबाइल एप भी विकसित किया गया है। इस एप के माध्यम से ग्राम पंचायतों में पिछले 10 वर्षों में कराए गए विभिन्न निर्माण कार्यों की जानकारी ऑनलाइन देखी जा सकती है। इससे किसी भी निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति और प्रगति की जानकारी कुछ ही क्षणों में प्राप्त हो सकेगी। जिपं सीईओं ने इस कार्य को प्राथमिकता के साथ लागू करने के लिए सभी जनपद पंचायतों के सीईओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए है। जिपं सीईओं ने कहा कि इन पहल से पंचायतों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और गांवों में विकास कार्यों की निगरानी भी बेहतर ढंग से हो सकेगी। जिला प्रशासन की इस पहल से आने वाले समय में ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और ग्रामीण विकास को नई गति देने में मदद मिलेगी।

