मुंगेली, 07 फरवरी 2026/sns/- भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी दिशा में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को नई पहचान देते हुए विकसित भारत, जी-रामजी के रूप में सशक्त किया गया है। योजना के अंतर्गत अब ग्रामीण परिवारों को 100 दिन के स्थान पर 125 दिन का रोजगार की गारंटी दी गई है, जिससे ग्रामीण श्रमिकों की आय में वृद्धि के साथ-साथ उन्हें आर्थिक सुरक्षा भी प्राप्त होगी। विकसित भारत-जी-रामजी अधिनियम केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे ग्रामीण विकास की नींव मजबूत होगी। समय पर मजदूरी भुगतान, स्थानीय स्तर पर उपयोगी कार्य और श्रमिकों को सम्मानजनक रोजगार देकर यह योजना गांव, गरीब और श्रमिक वर्ग के जीवन में वास्तविक बदलाव लाएगा।
जिले के ग्राम देवरी (क) में मनरेगा अंतर्गत गोदी खनन आदि कार्य से जुड़े श्री वीरेन्द्र कुमार महिलांगे एवं श्री हरि बंजारे ने योजना में किए गए इस सकारात्मक बदलाव पर प्रसन्नता व्यक्त किया है। श्री वीरेन्द्र कुमार महिलांगे का कहना है कि 125 दिन का रोजगार मिलने से अब उन्हें अधिक समय तक गांव में ही काम मिल पाएगा। इससे न केवल उनकी आमदनी बढ़ेगी और परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। उन्होंने बताया कि “जी राम जी” के रूप में योजना को नई पहचान मिलने से मजदूरों में काम के प्रति भरोसा और उत्साह भी बढ़ेगा। वहीं श्री हरि बंजारे ने कहा कि रोजगार के दिनों में वृद्धि से ग्रामीण श्रमिकों को बड़ा सहारा मिलेगा। गोदी खनन और माटी जैसे कार्यों से गांव में तालाब, नाली, सड़क एवं अन्य विकास कार्यों को तेज गति मिलेगी। इससे गांव के आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्र आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।


