छत्तीसगढ़

आदि कर्मयोगी अभियान अंतर्गत 17 सितंबर से 02 अक्टूबर तक चलेगा विशेष सेवा अभियान

कोरबा, 22 अगस्त 2025/sns/- प्रधानमंत्री ने 02 अक्टूबर, 2024 को धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान की शुरूआत की थी जिसका उद्देश्य अनुसूचित जनजातियों के जीवन एवं उनके ग्रामों में प्रमुख योजनाओं की संतृप्ति सुनिश्चित करना है। यह अभियान बहु विभागीय समन्वय और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से लागू किया जा रहा है। इसी के अनुरूप भारत सरकार, जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा वर्तमान में कैडर आधारित मॉडल के माध्यम से, जो कि भागीदारी योजना निर्माण एवं अंतर विभागीय अभिसरण पर आधारित है  ’’आदि कर्मयोगी अभियान’’ का शुभारंभ किया गया है, ताकि उत्तरदायी शासन को संस्थागत रूप दिया जा सके एवं आदिवासी क्षेत्रों में अंतिम छोर तक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित किया जा सके ।
इस अभियान के अंतर्गत 17 सितम्बर से 02 अक्टूबर 2025 तक विशेष सेवा अभियान चलाया जायेगा। इस दौरान जनजातीय परिवार के लोगों को मूलभूत सुविधाओं से लाभान्वित करने हेतु जरूरी उपाय सुनिश्चित किये जायेंगे। कोरबा जिले में इस अभियान को सफलता पूर्वक संचालित करने हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोरबा को जिला नोडल अधिकारी तथा सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को  ब्लॉक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। ’’आदि कर्मयोगी अभियान’’ का उद्देश्य जनजातीय अंचलों में सेवा समर्पण और सुशासन की भावना के साथ शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन तथा जनजातीय परिवारों को मूलभूत सुविधाओं से शत्-प्रतिशत् लाभान्वित करना है।
भारत सरकार द्वारा शुरू किये गये ’’आदि कर्मयोगी अभियान’’ के अंतर्गत वर्तमान में कोरबा जिले के 05 विकासखण्ड-कोरबा, कटघोरा, करतला, पाली एवं पोंड़ी उपरोड़ा के कुल 479 आदिवासी बाहुल्य ग्राम शामिल है। कलेक्टर श्री अजीत वसंत के मार्गदर्शन में इन जनजातीय बाहुल्य ग्रामों के लिये जिला/ब्लॉक स्तर के प्रशिक्षित जमीनी कार्यकर्ताओं और सहयोगियों (आदि कर्मयोगी, आदि सहयोगी और आदि साथी) का एक कैडर विकसित किया जायेगा तथा प्रत्येक गांवो में 20-20 वालेन्टियर्स तैयार किये जायेंगे, जो योजनाओं के क्रियान्वयन तथा ग्राम विकास योजनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। इस अभियान के तहत् धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, पीएम-जनमन और विकसित भारत 2047 के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप अभिसरण आधारित सहभागी और नागरिक केंद्रित सेवा वितरण प्रणाली को सक्षम बनाया जायेगा। जिले के 479 गांवो में आवास, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधायें सुनिश्चित होगी। आदि कर्मयोगी अभियान के सफल संचालन हेतु स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, युवा एवं सेवाभावी संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित की जायेगी। इस अभियान के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर पर चरण बद्ध रूप से आयोजित किये जायेंगे। प्रत्येक चयनित ग्राम में आदि सेवा केन्द्र की स्थापना की जायेगी, जो शासकीय सेवाओं की प्रदायगी और जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने का केन्द्र बनेगा। पूरे अभियान के दौरान आदि सेवा केन्द्र के माध्यम से सेवा पर्व और आदि कर्मयोगी सेवा अभियान का संचालन किया जायेगा। ’’आदि कर्मयोगी अभियान’’ के द्वारा भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा संचालित योजना- धरतीआबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, पीएम-जनमन योजना के माध्यम से जनजातीय बाहुल्य क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं जैसे- आवास, सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार आदि के क्रियान्वयन, उपलब्धता एवं संतृप्तिकरण तथा भविष्य में आदिवासी ग्रामों के विकास हेतु ग्राम स्तर पर क्रिटिकल गैप चिन्हित करने में और योजना तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *