मुंगेली, 05 फरवरी 2026/sns/- फाइलेरिया (हाथी पांव) जैसी गंभीर बीमारी से बचाव एवं नियंत्रण के लिए जिले में 10 फरवरी से 25 फरवरी तक सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाना तथा आमजन को इस रोग के प्रति जागरूक करना है। इसी तारतम्य में कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने जिला कलेक्टोरेट स्थित मनियारी सभाकक्ष में प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर मीडिया प्रतिनिधियों को दवा सेवन करने के साथ सहभागिता की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशानुरूप देश को 2030 तक फाइलेरिया मुक्त बनाना है। जिले में 08 लाख 51 हजार 895 से अधिक लोगों को दवा सेवन कराने का लक्ष्य रखा गया है।
कलेक्टर ने कहा कि फाइलेरिया (हाथी पांव) जैसी गंभीर बीमारी का पूर्ण इलाज कहीं भी सम्भव नहीं है। इसका समय रहते रोकथाम ही एकमात्र उपाय है। उन्होंने अभियान में मीडिया प्रतिनिधियों की सहभागिता व दवा सेवन के साथ ही आमजनों को फाइलेरिया की दवाई का सेवन अवश्य करने हेतु जागरूक करने के लिए मीडिया प्रतिनिधियों को प्रेरित किया। इस दौरान फाइलेरिया जागरूकता वीडियो दिखाकर लोगों को सामूहिक दवा सेवन में शामिल होने अपील की गई। कलेक्टर ने फाइलेरिया रोधी दवाओं के वितरण एवं सेवन की प्रक्रिया का डिमांस्ट्रेशन भी देखा और स्वयं अपनी ऊंचाई नपवाकर यह संदेश दिया कि दवा की सही मात्रा निर्धारित मानकों के अनुसार ही ली जानी चाहिए।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा ने बताया कि अभियान अंतर्गत 02 वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर सभी नागरिकों को डी.ई.सी., एल्बेंडाजोल एवं आईवरमेक्टिन दवा का सेवन कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि 01 हजार 790 दल के 03 हजार 580 से अधिक सदस्यों द्वारा दवा सेवन कराया जाएगा। अभियान के दौरान प्रथम चरण अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा 10 से 12 फरवरी तक स्कूलों, महाविद्यालयों, आंगनबाड़ियों आदि शैक्षणिक संस्थानों में दवा सेवन कराया जाएगा। इसी तरह द्वितीय चरण में 13 से 22 फरवरी तक घर-घर जाकर तथा 23 से 25 फरवरी तक छूटे हुए लोगों को मापअप राउंड अंतर्गत दवा सेवन कराया जाएगा। साथ ही 10 फरवरी से 25 फरवरी तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं अन्य निजी चिकित्सालयों में ओपीडी के पास एमडीए कॉर्नर स्थापित कर दवा सेवन कराया जाएगा।
जिला पंचायत में जनप्रतिनिधियों को किया गया जागरूक
जिला पंचायत सभाकक्ष में जनप्रतिनिधियों को फाइलेरिया की दवा लेने प्रेरित किया गया। फाइलेरिया जागरूकता वीडियो दिखाकर लोगों को सामूहिक दवा सेवन में शामिल होने अपील की गई। जिला पंचायत सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय ने सभी लोगों को दवा सेवन करने एवं लोगों को जागरूक करने प्रेरित किया।
रोग का प्रसार एवं लक्षण
डीपीएम गिरीश कुर्रे ने बताया कि हाथीपांव (फाइलेरिया) रोग क्युलेक्स मच्छरों के काटने से होता है। जब ये मच्छर हाथीपांव के रोगी को काटते हैं, तो इस बीमारी के रोगाणु मच्छर के पेट में जाकर पनपते हैं। यही मच्छर कुछ दिनों बाद किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटते हैं, तो ये रोगाणु स्वस्थ व्यक्ति के लसिका ग्रंथि में पहुंच जाते हैं और इस प्रकार हाथीपांव की बीमारी हो सकती है। यह बीमारी किसी को भी हो सकती है। इसके लक्षण मच्छर के काटने के कई वर्ष बाद प्रकट होते हैं, जिसमें बुखार आता है तथा पांव या अंडकोष में सूजन तथा महिलाओं में स्तनों में सूजन आ जाती है। क्युलेक्स मच्छर गंदे पानी में पैदा होते हैं और पनपते हैं। अतः इस बीमारी की रोकथाम के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि गंदा पानी जमा न होने दिया जाए तथा जहां-जहां मच्छरों के लार्वा पनप रहे हों वहां लार्वा नाशक दवा डालकर उन्हें नष्ट किया जाए।

