किसान तुहंर टोकन ऐप से घर बैठे टोकन काटने की सुविधा से समय और श्रम की बचत
अंबिकापुर, 16 जनवरी 2026/sns/- जिले में धान उपार्जन केन्द्रों की पारदर्शी एवं तकनीक आधारित व्यवस्था से किसानों को धान विक्रय में सहूलियत मिल रही है। ऑनलाइन टोकन प्रणाली, सुव्यवस्थित खरीदी प्रक्रिया तथा केन्द्रों पर उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं के चलते किसान बिना किसी परेशानी के अपना धान बेच पा रहे हैं।
ग्राम पंचायत कंचनपुर के किसान श्री कृष्ण कुमार राजवाड़े ने बताया कि उनके पास लगभग 260 क्विंटल धान है, जिसके लिए उन्होंने किसान तुंहर टोकन ऐप के माध्यम से घर बैठे ही टोकन काट लिया। उन्होंने बताया कि मोबाइल के जरिए टोकन कट जाने से समिति कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ते, समय की बचत होती है और पूरी प्रक्रिया आसान हो जाती है। डिजिटल तकनीक के उपयोग से धान विक्रय अब पहले की तुलना में कहीं अधिक सुगम और व्यवस्थित हो गया है।
श्री राजवाड़े ने बताया कि नमना कला धान उपार्जन केन्द्र पहुंचते ही गेट पास जारी किया गया, नमी परीक्षण किया गया और तत्काल बारदाना उपलब्ध कराया गया। इससे धान विक्रय में किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने कहा कि समिति केन्द्र में किसानों के लिए पेयजल एवं छाया की व्यवस्था है, वहीं समिति के कर्मचारी भी पूरे सहयोग के साथ कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शासन द्वारा धान का सर्वाधिक मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीदी की जा रही है। इससे किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिल रहा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत हो रही है।
कृषक श्री राजवाड़े ने धान खरीदी व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि धान उपार्जन केन्द्रों में व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी और किसान हितैषी है। उन्होंने सर्वाधिक मूल्य पर धान खरीदी के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे किसानों का मनोबल बढ़ा है और खेती को फायदेमंद हो गई है।


